औद्योगिक क्रांति के कारण जीवन को आसान बनाने के लिए कई उपयोगी उत्पादों का आविष्कार किया गया है।
स्वचालन (ऑटमेशन) और सूचना प्रौद्योगिकी (इन्फ़र्मेशन टेक्नॉलजी) के विकास ने जीवन को आसान बना दिया है, लेकिन मनुष्यों के बीच व्यायाम की कमी एक सामाजिक समस्या बन गई है।
डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार, व्यायाम की कमी के कारण दुनिया भर में 140 करोड़ लोग विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। जापान में, 3 में से 1 से अधिक लोगों में व्यायाम की कमी है। (सितंबर 2018)
नेशनल कॉलेज कोऑपरेटिव स्टूडेंट्स कमेटी के अनुसार, व्यायाम की कमी जापान में मौत से संबंधित रिस्क फ़ैक्टर के तीसरे स्थान पर है और 50,000 लोग सालाना इस कारण से मर जाते हैं। (जुलाई 2018)
अधिकांश लोग जानते हैं कि स्वस्थ जीवन शैली का नेतृत्व करने के लिए व्यायाम की आवश्यकता होती है, लेकिन यह आमतौर पर कई कारणों से नहीं हो पाता है या फिर इसमें भागीदारी लंबे समय तक नहीं चल पाती।
कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के अध्ययन से स्विस यूनिवर्सिटी ऑफ जिनेवा और जिनेवा यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल, बेल्जियम में ल्यूवेन कैथोलिक यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध से संकेत मिलता है कि मानव मस्तिष्क हमेशा आसान तरीके चुनने के लिए तैयार रहता है। (2018)
यदि व्यायाम मजेदार नहीं है, तो अधिकांश लोग इसे जारी रखने या यहां तक कि शुरू करने के लिए भी प्रेरित नहीं होते हैं।
इस समस्या को हल करने के लिए, हम एक ऐसा वातावरण बनाने के लिए काम कर रहे हैं, जहाँ खेलों का पूरा आनंद लिया जा सके।
एक और समस्या यह है कि कम दर्शकों की भागीदारी वाले बहुत सारे खेल हैं।
हमारी संस्था बारी-बारी से मामूली खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यायाम की कमी के विषय पर विभिन्न खेलों की शुरुआत करेगी, इससे खिलाड़ियों की मात्रा में वृद्धि होगी।
इस सब विकल्पों से, खेल संगठन मुश्किल वित्तीय स्थितियों से बच सकती हैं।
वास्तविकता यह है कि उस वातावरण में अधिकतम 10% एथलीट ही रह सकते हैं।
अधिकांश एथलीट अपने खेल में उन्नति नहीं रह पाएंगे यदि वे सात में एक और नौकरी ना करे तो।
हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को खेल का अनुभव देना है जिससे लोग एक सक्रिय जीवन शैली में अपनी रुचि बनाए रखते हुवे उक्त वातावरण में काम करने में उकसाहित रहे।